मेरी माँ

मेरे लिए मेरे जीवन का फरिस्ता हैं माँ।
बिन बताये दर्द समझे वो रिश्ता हैं माँ।।
माँ के चरणों में ही मेरा जन्नत हैं।
माँ के होने से ही मुकम्मल हर मन्नत हैं।।
माँ के आँचल में मानो सारा संसार हैं।
माँ के हाथों से बनाया हर व्यंजन लाजवाब हैं।।
माँ के बिना अधूरा हूँ मैं।
माँ से ही पूरा हूँ मैं।।
तुझसे दुर रहकर ये दिल बहुत रोता हैं।
तेरे साथ ना होने का मलाल इसको होता हैं।।
दिन में कई बार वो फ़ोन करती।
खाना खाया की नहीं हर बार वो पूछती।।
माँ से बात किये बिन दिन की शुरुवात नहीं होता।
उसके बिन ज़िंदगी जीने का आभास नहीं होता।
माँ का प्यार होता सबसे अनमोल हैं।
उनके प्यार का ना हो सकता कोई तोर हैं।।
हम सब का करती हैं वो अच्छे से देखभाल।
हमारे दिनचर्या का रखती बस वही ख्याल।।
माँ के बिन हो जाता घर सुन्ना हैं।
उनके बिना अधूरा घर का हर एक कोना हैं।।
कभी करते हम ज्यादा जिद्द या ज्यादा शरारतें करते।
तो वो कभी झाड़ू तो कभी चप्पल से हमें समझाते।।
चोट मुझे लगता तो पीड़ा माँ को होती हैं।
मुझसे ज्यादा आँखे माँ की भर आती हैं।।
माँ से छुपाकर भी कोई बात नहीं छुपती ।
वो आवाज़ों से ही मेरे दर्द को महसूस करती।।
माँ के होने से घर की खुशियाँ बरकरार हैं।
माँ का हम सब पर बहुत सारे उपकार हैं।।
माँ की परछाई हमेशा साथ होती हैं।
माँ दूर हो कर भी हमेशा पास होती हैं।।
ईश्वर मेरे माँ को हमेशा सलामत रखना।
मेरे हर दुआ में उनको याद रखना।।

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