जब पड़ी नजरें मेरी कुछ पुराने तस्वीरों पर
आँखें ठहर सी गयी देख कर उन हसीन बीते कल पर
खुरेद के रख दिये सारे अपने संग बिताये हसीन लम्हे
वो साथ किये कुछ अनकही खट्टी मीठी मस्ती भरी बातें
वो साथ लगाए देर रात अपनों संग ठुमके और ठहाके
वो साथ मिलकर गुजारे कुछ अविस्मरणीय सुनहरी सी रातें
वो सब याद कर के मुस्कुराहट चेहरे पर और दिल में मायूसी होती हैं
वो लम्हे तो बित जाते हैं पर यादें हमेशा हमारे साथ चलती हैं